स्मार्ट सिटी सहारनपुर – हम कैसे सहयोग करें?

स्मार्ट सिटी चाहिये तो खुद भी स्मार्ट नागरिक बनिये !

2
1816

जैसा कि आप जानते ही हैं, हमारे सहारनपुर का स्मार्ट सिटी योजना के अन्तर्गत चयन हुआ है।  इसका अर्थ है कि हमारे सहारनपुर में समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जायेगी व निम्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी –

  • नगर निगम द्वारा घर – घर में पेय जल पहुंचाया जाना।
  • 24 घंटे बिजली
  • ठोस कूड़ा व गंदगी का वैज्ञानिक रीति से निपटारा व साफ सुथरी सड़कें
  • सक्षम यातायात व्यवस्था व सार्वजनिक परिवहन सुविधा
  • गरीबों के लिये किफायती मकान
  • इंटरनेट, मोबाइल व फोन की सक्षम सुविधाएं व सरकारी कार्यालयों का डिजिटलीकरण
  • ई-गवर्नेंस यानि जनता को विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत आवेदन करने की ऑनलाइन सुविधा व प्रशासन द्वारा इन आवेदन पत्रों पर ऑनलाइन स्वीकृति ताकि सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगे व तुरंत कार्यवाही न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी / कर्मचारी की जिम्मेदारी तय हो सके !
  • ध्वनि प्रदूषण, वायु प्रदूषण व जल-प्रदूषण से यथासंभव छुटकारा।
  • महिलाओं, बच्चों व वृद्धों की विशेष सुरक्षा व्यवस्था।
  • बेहतर चिकित्सा सुविधाएं व स्कूल / कॉलेजों में आधुनिक पद्धति से शिक्षा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ऐसी 100 स्मार्ट सिटी का लक्ष्य अगले 5 वर्षों के लिये निर्धारित किया है जिस पर भारी भरकम व्यय आयेगा।  इस व्यय को केन्द्र व राज्य सरकारें मिल कर वहन करेंगी।  इस सारे आयोजन में आपकी भूमिका क्या रहेगी? आपसे जो अपेक्षाएं की जा रही हैं, वह निम्नप्रकार हैं –

  • आपकी सक्रिय सहभागिता ! सहारनपुर को स्मार्ट सिटी बनाया जाना है किन्तु यह विशाल योजना किस प्रकार बनाई जाये, सहारनपुर में क्या-क्या किया जाये, कैसे – कैसे किया जाये, इसमें आपकी सलाह व सुझाव सरकार, प्रशासन व नगर निगम आपसे मांग रहे हैं।  यदि आप इस मामले में उदासीन हैं अर्थात्‌ स्मार्ट सिटी कैसी बने, उसमें क्या-क्या हो, किस प्रकार हो इससे आपको कोई फर्क नहीं पड़ता तो फिर आपको नुक्ताचीनी करने का भी अधिकार नहीं रह जाता।  जैसी स्मार्ट सिटी आपको मिल जाये, उसमें खुश रहिये।
  • स्मार्ट सिटी सिर्फ सड़कों, दुकानों, मकानों व पार्कों को नहीं कहते। स्मार्ट सिटी का अर्थ है स्मार्ट नागरिकों द्वारा अपने लिये बनाई गई स्मार्ट सिटी जिसमें सारी व्यवस्थाएं स्मार्ट रूप से संचालित होती हों!  यदि आप शहर में, सड़कों पर, नदियों में गंदगी फैलाते हैं, कूड़ा – करकट फेंकते हैं,  यातायात व्यवस्था को तोड़ कर मनमाने ढंग से वाहन चलाते हैं, नियत स्थान पर पार्किंग के बजाय कहीं भी अपना वाहन खड़ा कर देते हैं, सड़कों पर कब्ज़ा करने की कोशिश करते हैं, जन-सुविधाओं का दुरुपयोग करते हैं, आपके वाहन अनावश्यक शोर व धुआं फैलाते हैं, आप सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों को रिश्वत देकर अपने गलत काम कराने का प्रयास किया करते हैं तो न तो आप स्मार्ट हैं और न ही आपका शहर कभी भी स्मार्ट हो सकता है।

स्मार्ट सिटी बनाये जाने के लिये प्रशासन के सामने बहुत सारी चुनौतियां हैं।  जैसे –

  • बिना स्वीकृत नक्शे के बने हुए मकान व बिना किसी योजना के बेतरतीब ढंग से हुआ विकास। इन सब का क्या किया जाये?
  • घनी बस्तियां, संकरी गलियां जिनमें वाहन अक्सर जाम की स्थिति पैदा करते रहते हैं, इनका प्रबन्ध क्या हो और कैसे हो?
  • नये निर्माण के लिये भूमि कहां से लायें?
  • सैंकड़ों टन कचरा व मल – मूत्र शहर भर से हर रोज़ एकत्र होता है, इसका वैज्ञानिक रीति से निष्पादन कैसे किया जाये?
  • सार्वजनिक परिवहन प्रणाली किस प्रकार विकसित की जाये? शहर की व्यस्त, संकरी सड़कों पर कौन से सार्वजनिक वाहन चलाये जा सकेंगे जो जनता के लिये सस्ते भी हों, पर्यावरण के लिये सुरक्षित भी और पर्याप्त मात्रा में भी ताकि हर कोई उनका उपयोग कर सके।  वह इतनी गति से चल सकें कि आपको एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में अधिक समय खर्च न करना पड़े।
  • शहर में हर समय घूमते – फिरते दिखाई देने वाले आवारा पशुओं का क्या किया जाये?

इन सब चुनौतियों को विशेषज्ञों की टीम स्वीकार कर रही है और इनका समाधान खोजने में लगी हुई है। आपसे अपेक्षा है कि इन सब के समाधान हेतु आपके पास कुछ सुझाव हों तो आगे आयें और अपने विचार प्रशासन तक शीघ्र पहुंचायें !   एक बात अवश्य ध्यान रखें और वह ये कि स्मार्ट सिटी का विकास करने के लिये प्रशासन को समय सीमा दी गई हैं व क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ना है।  जितनी तत्परता से डा. नीरज शुक्ला (नगर आयुक्त) के निर्देशन में नगर निगम के अधिकारी कार्य कर रहे हैं, ऐसी ही तत्परता आपको भी दिखानी चाहिये।  इस विषय पर काम करने वाली टीम तक अपने विचार, व सुझाव पहुंचाने के लिये कई उपाय हैं।  जैसे –

2 COMMENTS

  1. Lovely…………………..appreciate. Nice information and presentation.
    Hope Sharanpurian who are still living in the city would follow the instruction and use the information.

    Many Thanks for this article.

    • Thank you very much Mr. Sandeep Ravi for visiting the site and liking the information. Please do keep in touch and keep sending your valuable comments / suggestions for improvement of this website.

      Sushant Singhal
      Editor

LEAVE A REPLY