’खुली किताब’ नाटक का रंग पाठ

डा. कमल नयन कपूर का है यह एकल नाटक

1
1013

सहारनपुर : (10 Jan.) पश्चिमी उत्तर प्रदेश की लब्धप्रतिष्ठ रंगकर्म संस्था ’अदाकार’ ग्रुप व बच्चों की मासिक पत्रिका ’अपूर्व उड़ान’ ने आज हाशिया, किस्सागोई, पंछी तीर्थम्‌, शव पूजा, प्रकृति पर्व नाटकों के नाटककार डा. कमल नयन कपूर के नवीनतम नाटक ’खुली किताब’ का रंग पाठ आयोजित किया जिसमें सहारनपुर के लगभग सभी रंगकर्मी उपस्थित रहे।  रंग पाठ प्रस्तुत करने के लिये यमुनानगर से स्वयं नाटककार डा. कपूर उपस्थित हुए जिनका रंगकर्म से जुड़े वरिष्ठ रंगकर्मी व अदाकार ग्रुप के संरक्षक तथा  पूर्व राज्यमंत्री संजय गर्ग ने अंगवस्त्रम्‌ व स्मृतिचिह्न देकर सम्मान किया।

अपनी नवीन कृति का परिचय देते हुए डा. कपूर ने कहा कि विभिन्न धर्मों, वर्गों व संप्रदायों की प्रमुख पुस्तकें श्रेष्ठ आध्यात्मिक ग्रंथ हैं।  इंसान अपने जीवन में एक के बाद एक ऐसी बातें थोप लेता है जो सही मायने में खोखली हैं।  लिहाजा, बेहतर तो यही है कि, वह अपनी ज़िन्दगी का वास्तविक उद्देश्य और अर्थ समझ कर परिष्कृत ढंग से जीने में यकीन करे।  उन्होंने स्पष्ट किया कि अपने नये नाटक में उन्होंने कई बातों को बेहद खुले मनोभाव से रेखांकित करने का प्रयास किया है।  उन्होंने साफ कहा कि यह नाटक कुछ श्रोताओं को अपनी मान्यताओं पर चोट करता हुआ व बेचैनी पैदा करने वाला अनुभव हो सकता है, किन्तु उसे अन्यथा न लें। नाटक का उद्देश्य चोट पहुंचाना तो है किन्तु ठीक वैसे ही जैसे चिकित्सक अपने मरीज़ को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के लिये चोट पहुंचाता है।

इस नाटक को विभिन्न धार्मिक मान्यताओं को मानने वाले श्रोता किस रूप में स्वीकार करेंगे, करेंगे भी या नहीं करेंगे इसे लेकर विभिन्न वक्ताओं ने संशय व्यक्त किया।   रंगकर्मी राकेश शर्मा ने कहा कि इस कृति को नाटक के रूप में प्रस्तुत करना स्वयं में बहुत बड़ी चुनौती होगी क्योंकि यह रचना नाटकों के सामान्यतः स्वीकृत शिल्प को नकारते हुए एक नये ढंग से लिखी गई है।  एकल नाटकों में दर्शकों को बांधे रखने के लिये अतिरिक्त प्रयास करने पड़ते हैं।  विषय वस्तु बोझिल भी हो, जन सामान्य की धार्मिक समझ व मान्यताओं पर चोट भी करती हो, नाटक के सामान्य फार्मेट को भी चुनौती देती हो तो उसकी स्वीकार्यता को लेकर संशय होना स्वाभाविक ही है।  इप्टा से जुड़े वरिष्ठ रंगकर्मी सरदार अनवर ने डा. कपूर की इस रचना पर प्रतिक्रिया देने से परहेज़ किया और कहा कि ’बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जायेगी’!

अपूर्व उड़ान के प्रधान संपादक आर.पी. तिवारी ने कहा कि डा. कमल नयन कपूर जैसे महान रचनाकार व साहित्यकार का सम्मान करके अपूर्व उड़ान परिवार स्वयं को गौरवान्वित अनुभव कर रहा है। संपादक व रंगकर्मी पवन शर्मा ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि मानव जीवन भी एक खुली किताब ही है जिसके विभिन्न अध्याय हम हर रोज़ लिखते चलते हैं। यह समाज के दृष्टिकोण पर निर्भर करता है कि वह इस खुली किताब को किस तरह देखता परखता है। वरिष्ठ रंगकर्मी व सपा नेता आलोक अनेजा ने अदाकार की रंग यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ावों को याद करते हुए उम्मीद जताई कि जावेद खान सरोहा इस कृति को भी अपने मंजे हुए निर्देशन से संवारते हुए शीघ्र ही दर्शकों तक पहुंचायेंगे।  नाट्य से जुड़े वरिष्ठ रंगकर्मी विजेश जोशी ने भी डा. कपूर को बधाई दी और उनका अभिनन्दन किया। लुधियाना से विशेष रूप से पधारे प्रसिद्ध कहानीकार व कवि कश्मीर सिंह ने भी डा. कमल नयन कपूर का अभिनन्दन किया और आशा व्यक्त की कि उनकी यह कृति भी शीघ्र ही मंचित की जायेगी।

इस अवसर पर मुंबई फिल्म जगत में सहारनपुर की ध्वजा फहरा रहे रंगकर्मी अशोक वर्मा, विक्रान्त जैन, नायक खन्ना, राकेश जैन व ऋतु जैन, संजय गुप्ता, डा. जमील मानवी, हर्ष आदि उपस्थित रहे।

1 COMMENT

LEAVE A REPLY