सियासी चुटकियां

डा. वीरेन्द्र आज़म की कलम से हास्य-व्यंग्य की फुहार

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डा. वीरेन्द्र आज़म सहारनपुर के ऐसे कलम के सिपाही हैं जो जितना अपनी कलम की धार के लिये जाने जाते हैं, उतना ही अपनी सरस वाणी के लिये भी विख्यात हैं !  देश में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम पर जब उनकी पैनी नज़र पड़ती है तो मात्र एक पत्रकार की रिपोर्ट जन्म नहीं लेती बल्कि हास्य-व्यंग्य से परिपूर्ण सियासी क्षणिकाएं उनके मुख से फूट पड़ती हैं!   आज कई दिन के अन्तराल के बाद जब हमने उनसे पूछा कि – “और सुनाइये, क्या-क्या नई खबरें है?”  तो मुस्कुरा कर उन्होंने जो क्षणिकाएं प्रस्तुत कीं, वह आपके लिये ले आये हैं !

अगस्ता पर कोहराम

अगस्ता पर मच रहा संसद में कोहराम,
घूस किसने ली थी, बतलाओ उसका नाम !
बतलाओ उसका नाम, सोनिया जी  बोलो,
और कौन-कौन हैं शामिल, राज ये खोलो !!

लालू ने भी कर दिया, केजरीवाल पे तंज,
खड़े दिखाई दे रहे, मैडम जी के संग।
मैडम जी के संग, वही  तोहार मैय्या,
ताल ठोक कह रहे, देखो लालू भैय्या।।

उत्तराखंड में आग

सियासत से जंगल तक, उत्तराखंड में आग
बड़े-बड़े दिग्गज़ों को भी, आ रहे हैं झाग !
आ रहे हैं झाग,  सबकी धरी रही चतुराई,
कुर्सी गंवा कर, डोल रहे अपने रावत भाई !!

कहिये, कैसी लगीं?  आपके विचार हम कवि महोदय तक अवश्य पहुंचा देंगे !

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