मेरी उपलब्धियां मेरे परिवार, मेरे गुरु और मेरे शहर को समर्पित – रुपाली जग्गा

रुपाली जग्गा में पार्श्वगायिका और मंच प्रस्तुति के सभी गुण

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रुपाली जग्गा आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। ज़ी टीवी पर चल रहे रीयलिटी शो सारेगामापा में रूपाली जग्गा ने अपनी गायकी से हर किसी को मुग्ध कर रखा है। फिल्म इंडस्ट्री की बड़ी – बड़ी हस्तियां – आशा भोंसले, ऐश्वर्य राय, सलमान खान, अनुष्का शर्मा आदि ने रुपाली की गायकी की दिल खोल कर सराहना की है, गायन के साथ-साथ नृत्य कर पाने की उनकी क्षमता पर बार – बार आश्चर्य व्यक्त किया है, उनको अपना आशीर्वाद दिया है। हर रोज़ कई – कई घंटे चलने वाली रिहर्सल व शूटिंग की व्यस्तता के बावजूद रुपाली ने बड़े उत्साह के साथ द सहारनपुर डॉट कॉम के संपादक के साथ फोन पर बातचीत की। तो लीजिये पेश है, रुपाली जग्गा के रूप में एक ऐसा उभरता सितारा जो भारतीय फिल्म उद्योग में अपने अनूठे गायन से एक नये युग की शुरुआत करने के लिये आतुर है।

Rupali39संपादक – रुपाली, द सहारनपुर डॉट कॉम की ओर से आपका आभार।  आज न सिर्फ सहारनपुर, बल्कि पूरा देश आपकी गायन प्रतिभा की सराहना कर रहा है और आपको निरन्तर आगे ही आगे बढ़ते हुए देखना चाहता है। आइये, बातचीत का सिलसिला शुरु करते हुए सबसे पहले हम ये जानना चाहेंगे कि इस टी.वी. शो सारेगामापा ने आपको क्या कुछ नया दिया है?  आपके जीवन में क्या परिवर्तन आये हैं? 

रु.ज. – सबसे पहले तो मैं द सहारनपुर डॉट कॉम की ओर से सभी सहारनपुर वासियों का शुक्रिया अदा करना चाहूंगी। आज मैं जहां हूं, वह आप सब के प्यार और आशीर्वाद से ही हूं!  मुझे आप सबके आशीर्वाद की जरूरत हमेशा रहेगी। सारेगामापा शो में भी आप सब का सपोर्ट मिलेगा तो मैं वह सब हासिल कर पाऊंगी जो आप सब मुझसे चाहते हैं!  ज़ी टीवी के इस प्रोग्राम ने मेरी वर्षों की तपस्या का फल मुझे देना शुरु किया है, गायन मेरी ज़िन्दगी है, मेरे जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य है और ज़ी टीवी ने मुझे मेरा लक्ष्य बहुत पास ला दिया है।  सच कहूं तो सारेगामापा प्रोग्राम ने मेरी पूरी ज़िन्दगी ही बदल कर रख दी है।  जो कुछ सपने मैं बचपन से देखा करती थी, वह सब सच होने लगे हैं।  आशा जी, ऐश्वर्य राय, अनुष्का कभी मेरे साथ घंटों बैठी रहेंगी, मुझसे ढेर सारी बातें करेंगी, मैं उनके साथ गाऊंगी, नाचूंगी – यह तो मैने सपने में भी नहीं सोचा था। आज हज़ारों लाखों लोग मुझे टी.वी. पर गाते हुए देख रहे हैं, मुझे पहचानने लगे हैं, सोशल मीडिया पर भी मेरे फॉलोअर बढ़ते चले जा रहे हैं, यह सब मुझे ज़ी टीवी और सारेगामापा ने ही दिया है, मैं इस सब के लिये हर किसी की आभारी हूं।

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Chartbuster performance of Rupali Jagga on 3rd July 2016. In Parent’s Special episode, she sings Baghban.

संपादक – इस प्रतियोगिता में आप मीका टीम में हैं। वह आपको ट्रेनिंग दे रहे हैं, कई-कई घंटे उनके साथ रिहर्सल चलती है। कैसे हैं मीका? सख्त मिजाज़? मोटिवेटर, दोस्त या टफ टास्क मास्टर? 

रु. ज. – मीका पा जी की टीम का हिस्सा बनना मेरे लिये बहुत बड़ी बात है।  वह बहुत अच्छे इंसान हैं, बहुत दोस्ताना व्यवहार करते हैं, बहुत मोटिवेट करते हैं, हिम्मत बढ़ाते हैं!  मेरी परफार्मेंस लगातार बेहतर, और बेहतर करने की कोशिश करते रहते हैं।  गायन तो मैं बचपन से सीखती ही आरही हूं, चंडीगढ़ में मेरे गुरुजी ने मुझे गायन की बारीकियों से परिचित कराया है। अब मैं स्टेज पर अपने आप को प्रस्तुत करने की, गायन को और बेहतर करने की कला मीका पा जी से सीख रही हूं।

संपादक – सारेगामापा के सैट पर अनेक सेलिब्रिटी मेहमान आते हैं। आपको किनके साथ ने सबसे अधिक उल्लसित किया?  आशा जी?  सलमान खान?  अनुष्का शर्मा?  ऐश्वर्या राय? 

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रु. ज. – सेट पर जो भी मेहमान आरहे हैं, बहुत बड़ी – बड़ी हस्तियां हैं।  आशा जी तो मेरी रोल मॉडल ही हैं।  मैं कभी उनके जैसा गा सकूं, यही मेरा सपना हमेशा से रहा है।  उन्होंने मुझसे खूब सारी बातें की, अपने फिल्मी कैरियर के बारे में, गायन के बारे में, पंचम दा के बारे में, रिहर्सल के बारे में, गायन में वह विशेष फीलिंग्स लाने के बारे में जो आशा जी को बाकी सब से अलग करती है। जब वह मुझसे बात कर रही थीं तो मुझे लग रहा था कि बस वह हमेशा बोलती रहें और मैं उनको सुनती रहूं। सलमान जी और ऐश्वर्या जी जैसी personalities से हरदम कुछ न कुछ सीखा जा सकता है और यही मेरी कोशिश भी है।

संपादक – और यही जीवन में आगे ही आगे बढ़ने का सबसे भरोसेमन्द तरीका भी !  मैने कहीं सुना था – पूर्णता का आभास पतन का आरंभ है।  हमेशा सीखने के लिये तैयार रहोगी तो  सफलता हमेशा तुम्हारे कदम चूमेगी ! 

रू. ज. – जी बिल्कुल सही कहा आपने !   मैं तो वास्तव में अभी संगीत की एक student ही हूं।  सीखने को बहुत कुछ है।

संपादक – इस शो के बाद गायन के लिये आपके पास कुछ प्रस्ताव आये हैं क्या?

रु. ज. – बहुत सारे प्रस्ताव हैं !  अभी मैं टॉप सिक्स में हूं तो हम सब के लिये बहुत सारी इंक्वायरी आ रही हैं।  ज़ी टीवी वाले उनको हैंडिल कर रहे हैं।  एंकरिंग के लिये, गायन के लिये, एक्टिंग के लिये कई सारे प्रोपोज़ल हैं, जिन पर सारेगामापा के फिनाले के बाद बैठ कर विचार करेंगे।  फिनाले गोवा में होने जा रहा है।  अभी तो फोकस गाने और सिर्फ गाने पर ही है।  वैसे मीका पा जी के साथ एक बॉंड साइन करके देश – विदेश में म्यूज़िकल शो करने की भी बात फाइनल हो रही है।

संपादक – रुपाली, इस सारेगामापा प्रोग्राम में एक विशेष बात मैंने देखी है।  आप सभी participants एक दूसरे के competitor हैं, एक दूसरे से आगे निकलना चाहते हैं!  वहीं दूसरी ओर जब एक की performance होती है तो बाकी सब उसमें सपोर्ट करते हैं, जरूरत पड़े तो कोरस के रूप में गाते भी हैं। इस विरोधाभास से कैसे निबटती हो? 

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रु. ज. – (हंसते हुए) – जी, सही पकड़े हैं !  ये बिल्कुल सही है कि हम सब competitor हैं, इसलिये हम गायन के बारे में, अपनी आने वाली performance के  बारे में आपस में बात नहीं किया करते हैं। पर उसके अलावा हम सब की बहुत अच्छी दोस्ती हो गयी है, बड़ी अच्छी bonding develop हो गयी है। competition तो सिर्फ 17 तक ही है, अब हम सभी इस singing career में आगे बढ़ना चाहते हैं, मौका मिलेगा तो साथ – साथ गाया भी करेंगे, और सफलता भी हासिल करेंगे!  अभी भी हम खूब मस्ती और खूब धमाल करते हैं।

संपादक – (हंसते हुए) ’हम नहीं सुधरेंगे !”  चलो अच्छा है, बात चीत करके बहुत मज़ा आया और उम्मीद है हमारे पाठकों को भी यह सब पढ़ कर मज़ा आयेगा।  वैसे सफलता के इस मुकाम तक पहुंचाने में आपके परिवार का किस प्रकार से योगदान रहा है?  

रु. ज. – अंकल, वह तो आप जानते ही हैं !  आज अगर मैं यहां इस स्टेज तक पहुंची हूं तो वह बिना  परिवार की सपोर्ट के तो आ ही नहीं सकती थी।  खास तौर पर, मेरे पापा बचपन से ही मुझे संगीत सिखाने के लिये, जहां – जहां भी मैने कहा, मुझे लेकर जाते रहे।  जैसा कि आमतौर पर लड़कियों के बारे में मां- बाप सोचते हैं, बस एक जिम्मेदारी मानते हैं कि पढ़ाओं लिखाओ और शादी कर के अपनी जिम्मेदारी से छुट्टी पाओ, ऐसी मेरे पापा की सोच नहीं रही है।  वह तो मुझे हमेशा कहते रहे – तू मेरी बेटी नहीं, बेटा है।  मैं इस जन्म में तो उनका उपकार चुका नहीं सकती।

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यहां मुम्बई में जब इतना मान-सम्मान और प्यार मिल रहा है तो मेरी आंखों के सामने अक्सर मेरे शहर सहारनपुर के दृश्य घूम जाते हैं जहां-जहां मैं जाती रही, सीखती रही, गाती रही ! मैं बहुत सारे नाम ले सकती हूं, जिन्होंने लगातार मुझे प्रेरणा दी, गायन के टिप्स दिये। मैं उन सब को कभी नहीं भूल पाऊंगी।  अपने शहर सहारनपुर को, सहारनपुर में बैठे मेरे अपनों को मैं हाथ जोड़ कर प्रणाम करती हूं और आशीर्वाद चाहती हूं!  आप सब ने हमेशा मुझे सपोर्ट किया है, आगे भी अपना आशीर्वाद बनाये रखें।

संपादक – रुपाली, आपको आशीर्वाद की कभी कोई कमी नहीं रहेगी, यह गारंटी हम देते हैं।  फिलहाल विदा और ढेर सारा आशीर्वाद !     

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