सहारनपुर की हलचल – भाग 01

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सहारनपुर प्रशासन

यह तो आप भी मानेंगे कि जनपद और शहर की बेहतरी के लिये शासन और प्रशासन को कई सारे ऐसे काम करने पड़ते हैं जिनसे कुछ लोगों के नाराज़ हो जाने का खतरा होता है। अच्छे प्रशासनिक अधिकारी वही माने जाते हैं जो नाराज़गी झेलने को भी तैयार रहते हैं परन्तु सही दिशा में कठोर पग उठाने से पीछे नहीं हटते।  ऐसे ही कुछ काम सहारनपुर प्रशासन ने इन दिनों किये हैं – कुछ न्याय पालिका के दबाव में तो कुछ अपनी इच्छा शक्ति के बलबूते पर !  इन कामों के लिये हम उनको साधुवाद देते हैं।

ट्रांसपोर्ट नगर

सहारनपुर में कई साल पहले ट्रांसपोर्ट नगर बन तो गया था, पर ट्रांसपोर्टर्स की अनिच्छा के कारण बस नहीं पाया था।  पर जब जिलाधिकारी पवन कुमार ने ठान ली तो एक ही सप्ताह में जनता रोड पर बनाया गया ट्रांसपोर्ट नगर आबाद हो गया है।  हमें उम्मीद है कि ट्रांस्पोर्टर्स की हीला हवेली के यदि कुछ ईमानदार कारण थे तो प्रशासन उनको भी दूर करने का प्रयास करेगा।  फिलहाल सहारनपुर वासी राहत की सांस ले रहे हैं कि शहर के बीचों – बीच ट्रकों की आवाजाही, लोडिंग – अनलोडिंग अब कहीं भी होती दिखाई नहीं दे रही है।

वी मार्ट

घंटाघर पर वी.मार्ट बिल्डिंग अवैध रूप से बनाई गयी है, ये समाचार आप सब पिछले कई सालों से पढ़ते आये होंगे। पर सहारनपुर विकास प्राधिकरण किन्हीं कारणों से वी.मार्ट के विरुद्ध कोई कार्यवाही करने से बच रहा था।  पर इस बार एस.डी.ए. के अधिकारियों ने ठान ही लिया कि बस, और नहीं।  फल यह हुआ है कि वी.मार्ट शोरूम बन्द है, भवन पर भी एस.डी.ए. ने सील लगा दी है।  सांस रोक कर इंतज़ार कीजिये अगली कार्यवाही की !

ढमोला

वर्ष २०१३ में जब ढमोला नदी में भयानक बाढ़ आई तो जान माल का भारी नुकसान हुआ था। नदी में ही मकान बनाए बैठे लोग कई दिनों तक मकान की ऊपरी मंज़िल पर फंसे रहे थे उनको खाना भी आसमान से टपकाया जा रहा था।  यह हालत देख कर प्रशासन ने भी इन अवैध निर्माणों के विरुद्ध नोटिस जारी करने की बात शुरु की।  पर नदी किनारे रहने वाले लोग किसी चमत्कार की उम्मीद लगाये रहे। चमत्कार हुआ भी, पर प्रशासन की सख्ती के रूप में ! इस बार प्रशासन ने मानसून आने से पहले किसी अनहोनी को टालने के लिये सख्ती दिखाई है,  अवैध निर्माणों के विरुद्ध नोटिस जारी किये गये हैं, एफ.आई.आर. करके नदी के अंदर या किनारों पर बनाये गये अवैध भवनों को ढहाने की तैयारी की जा रही है।  क्या वास्तव में ऐसा हो पायेगा, ये तो भविष्य ही बतायेगा।

स्मार्ट सिटी

–  जब से सहारनपुर के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल होने के चर्चे शुरु हुए हैं, जनता भी उत्सुकता भरी निगाहों से इस दिशा में किये जा रहे प्रयासों को देख रही है। अभी नवीनतम सुखद समाचार यह है कि उ.प्र. सरकार को सहारनपुर का प्रस्ताव पसन्द आ गया है और अब यह प्रस्ताव केन्द्र सरकार के सम्मुख रखा जायेगा। यदि देश भर से आने वाले प्रस्तावों में इसे अच्छा पाया गया तो सहारनपुर के दिन बहुर सकते हैं।

डा. अशोक राघव, डी.आई.जी.

पिछले दिनों सहारनपुर मंडल के डी.आई.जी. डा. अशोक राघव ने सेवा निवृत्ति प्राप्त करने के साथ ही एक कीर्तिमान भी स्थापित कर डाला।  वह सहारनपुर के पहले ऐसे डी.आई. जी. बन गये जो लगातार 19 महीने तक सहारनपुर में इस पद पर रहे वरना तो सहारनपुर मंडल के सभी डी.आई.जी. कब आये और कब स्थानान्तरित हो गये किसी को पता ही नहीं चल पाता था।  डा. अशोक राघव का कार्यकाल पुलिस विभाग की कार्यशैली में बदलाव के प्रयासों के लिये जाना जायेगा।  जनता के लिये उनके दरवाज़े हमेशा खुले रहे हैं। सोशल मीडिया, विशेषकर पुलिस का व्हाट्स एप नंबर जारी करते हुए उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि वह अपनी शिकायत व्हाट्स एप पर भेज सकते हैं जिसको वह स्वयं पढ़ेंगे और समुचित कार्यवाही करेंगे।

हिंडन नदी – सहारनपुर की पांवधोई, ढमोला में आकर विलीन हो जाती है, और ढमोला मिलती है हिंडन नदी में। हिंडन का मिलन होता है यमुना से और यमुना का इलाहाबाद पहुंच कर संगम होता है गंगा से।  ऐसे में यदि गंगा और यमुना को साफ करना है तो पांवधोई, ढमोला, कृष्णा और काली जैसी सहायक नदियों से ही शुरुआत करनी पड़ेगी, यह बात करोड़ों – अरबों रुपये बहाने के बाद सरकार को भी समझ में आने लगी है और छोटी – छोटी नदियों की सफाई के प्रति आग्रह बढ़ता जा रहा है। 2030 वाटर रिसोर्स ग्रुप व उत्तर प्रदेश सरकार ने हिंडन नदी की सफाई का बीड़ा उठाया है। उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्य मंत्री अखिलेश यादव ने हिंडन की सफाई की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग को सौंपी है और उनके पार्टनर रहेंगे २०३० वाटर रिसोर्स ग्रुप और अनेकानेक स्वयंसेवी संस्थाएं। सहारनपुर से इसकी शुरुआत 13 जुलाई को एक भव्य कार्यक्रम से की जा चुकी है।   समय आ गया है कि जनता भी पूरी ताकत से इस अभियान में सहयोग दे ताकि प्रदूषण से कराह रही और मरने की स्थिति में आ चुकी इन नदियों की हालत सुधरे।  इनकी हालत सुधरेगी तो इनके किनारे बसे हुए लोगों का स्वास्थ्य भी सुधरेगा जो कैंसर जैसी भयानक बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।

मानसून


देश के साथ ही सहारनपुर में भी मानसून दस्तक दे चुका है।  इस वर्षा की हमारे किसानों को बहुत इंतज़ार रहती है।  शहर में भी बच्चे बारिश में सड़क पर भीगते हुए और खुशी से नाचते- कूदते दिखाई देने लगे हैं। हमें उम्मीद है कि ये वर्षा सिर्फ धरती की प्यास बुझायेगी और नदियों के उफनने से किसी प्रकार का विनाश देखने सुनने को नहीं मिलेगा।

साहित्य एवं संस्कृति


सहारनपुर के अन्तर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त शायर नवाज़ देवबन्दी के सम्मान में दिल्ली के सत्य साईं ऑडिटोरियम में जश्न – ए – नवाज़ कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ जिसमें प्रख्यात कथावाचक मुरारी बापू से भी उनको आशीर्वाद मिला। सहारनपुर के जिलाधिकारी पवन कुमार व अदाकार के अध्यक्ष जावेद खान सरोहा ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की।

युवा जगत

सहारनपुर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी माना जाता है।  सहारनपुर के प्रतिभाशाली बच्चे व युवा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में लगे हुए हैं।  जहां सहारनपुर के सनल मल्होत्रा को थाईलैंड में विज्ञान विषय पर अपना पेपर पढ़ने का अवसर मिलता है तो वहीं दूसरी ओर सहारनपुर की बेटी रूपाली जग्गा ज़ी टीवी पर आ रहे रीयलिटी शो सारेगामापा में अपनी शानदार गायकी के माध्यम से लाखों लोगों के दिलों में उतर चुकी हैं। इस प्रोग्राम में सहारनपुर की रूपाली पांच सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों में से एक बन और गायिकाओं में सर्वश्रेष्ठ के रूप में उभरी हैं। पूरा सहारनपुर उनकी सफलता से गद्‌गद है और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं कर रहा है। खुद रूपाली जग्गा ने भी द सहारनपुर डॉट कॉम से फोन पर बात करते हुए सहारनपुर की जनता के प्रति अपना आभार जताया है।

ग्रीष्मकालीन शिविर

सहारनपुर में गर्मी की छुट्टियों का इस्तेमाल बच्चे समर कैम्प के माध्यम से extra curricular activities सीखने के लिये करने लगे हैं। विभिन्न स्कूल बच्चों के लिये क्रिकेट, स्विमिंग, स्केटिंग, डांस, थियेटर, राइफल शूटिंग, हॉर्स राइडिंग जैसे हॉबी कोर्स चलाने लगे हैं।  महीने भर में बच्चों ने क्या-क्या सीखा इसका भी विहंगम परिचय अभिभावकों को कराया जाता है। वैष्णवी नृत्यालय और स्मार्ट डांस एकेडमी के डांस शो सहारनपुर में बहुत हलचल मचाते हैं और यही इस बार भी हुआ। पिछली बार से बेहतर, और बेहतर करने की उनकी इच्छा जनता के लिये बहुत लाभदायक हो जाती है क्योंकि उनको सहारनपुर जैसे छोटे शहर में ऐसे कार्यक्रम देखने को मिलने लगे हैं जिनकी उम्मीद वह सिर्फ दिल्ली – मुंबई जैसे शहरों में ही करते हैं।

फूड कोर्ट

सहारनपुर के हिस्से में एक और विशेष उपलब्धि आई है।  उत्तर प्रदेश में बनारस के अलावा सिर्फ सहारनपुर ही ऐसा शहर है जहां फूड कोर्ट बनाने की पहल शासन करने जा रहा है।  सुना गया है कि दिल्ली रोड पर हसनपुर चुंगी के पास एक सुन्दर सी झील और उसके चारों ओर फूड प्लाज़ा निर्माण कराये जाने की तैयारी है।  सहारनपुर वासी अपने परिवार व दोस्तों के साथ, झील में झिलमिलाते प्रकाश का आनन्द लेते हुए, चटखारे ले ले कर चाट आदि खा-पी सकेंगे।

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