इंटरनेट शिक्षा देता है, परन्तु ज्ञान टीचर देते हैं !

शिवालिक बैंक की निबंध प्रतियोगिता में बच्चों ने रखे अपने सारगर्भित विचार !

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Ms. Poonam Srivastava Principal of Delhi Public School with Mrs. Seema Seingh Principal of Asha Modern International School
Ms. Poonam Srivastava Principal of Delhi Public School with Mrs. Seema Seingh Principal of Asha Modern International School

smcb_tday16_1आजकल  देश “डिजिटल इंडिया” का नारा लगाते हुए डिजिटल क्रांति के स्वप्न को साकार करने में लगा हुआ है,  तो क्या स्कूलों में अध्यापकों व अध्यापिकाओं के बजाय कंप्यूटर व इंटरनेट से ही शिक्षा दी जायेगी?  क्या अब स्कूल के वास्तविक कमरों में कक्षाएं चलाने के बजाय वर्चुअल क्लास रूम को ही प्राथमिकता दी जायेगी?  क्या स्मार्ट क्लास ही आने वाली पीढ़ी को शिक्षित करेगी और अध्यापकों की जरूरत समाप्त हो जायेगी?  शिवालिक बैंक ने एक निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन कर जब के एल जी पब्लिक स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, आशा मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल और लॉर्ड महावीरा एकेडमी के छात्र-छात्राओं से इन प्रश्नों के जवाब मांगे तो सभी छात्र-छात्राओं ने ने बड़ी खूबसूरती व समझदारी के साथ उत्तर देते हुए जवाब दिया कि गूगल हमें जानकारी तो भरपूर दिला सकता है किन्तु भले और बुरे की पहचान तो हमारी टीचर ही हमें कराती हैं। हमारा संपूर्ण शिक्षा पाठ्यक्रम हमें इंटरनेट पर मिल सकता है, पर हमारी गलतियों को इंटरनेट कैसे दूर करायेगा?  परीक्षा के दिनों में हमें हिम्मत बंधाने का काम, हमें सही दिशा निर्देश देने का काम तो हमारी टीचर ही कर सकती हैं।  कंप्यूटर और इंटरनेट के माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने में फायदे और नुकसान दोनों ही हैं।  समय का कोई बंधन न होना, कहीं भी, कभी भी घर बैठे हुए कंप्यूटर खोल कर विभिन्न स्रोतों से जानकारी प्राप्त कर पाना अपने आप में बहुत सुविधाजनक है।   पर इंटरनेट पर सब कुछ अच्छा ही अच्छा नहीं है।  हानियां भी अनेक हैं।   वाह, बच्चों!  बहुत सटीक बात कही है आपने कि इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी हमें अतिरिक्त रुप से सहायक हो सकती है, जिसका उपयोग किया भी जाना चाहिये परन्तु वह टीचर का स्थानापन्न नहीं हो सकती।

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जैसा कि आपको ज्ञात ही होगा,  शिवालिक बैंक अपनी वर्षगांठ  यानि, 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में ही मनाता है और इस अवसर पर वरिष्ठ अध्यापकों – अध्यापिकाओं का अभिनन्दन करता है। इस बार “क्या अध्यापक का कोई स्थानापन्न हो सकता है?” विषय पर अन्तर्विद्यालय निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन करते हुए आशा मॉडर्न इंटरनेशनल, डी.पी.एस., लॉर्ड महावीरा एकेडमी व के एल जी स्कूलों में निबन्ध प्रतियोगिता हेतु संपर्क किया गया| लगभग 500 बच्चों ने इस प्रतियोगिता में भागीदारी की।

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पुरस्कार वितरण के.एल.जी. पब्लिक स्कूल शारदा नगर के सभागार में आयोजित किया गया जिसमें प्रसिद्ध पर्यावरणविद्‌ डा. एस.के. उपाध्याय, जे.वी. जैन कॉलिज के पूर्व प्रोफेसर डा. पूरन चन्द, वाई.के. गुप्ता, शिवालिक बैंक के सी.ई.ओ. सुवीर कुमार गुप्ता, महाप्रबन्धक चन्द्र प्रकाश अग्रवाल व कार्यक्रम के संयोजक सुशान्त सिंहल उपस्थित थे।

विद्या की देवी मां शारदे के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम के शुभारंभ के बाद के.एल.जी. के छात्र-छात्राओं ने समूह गान प्रस्तुत किया।  बैंक के मार्केटिंग सलाहकार सुशान्त सिंहल ने शिवालिक बैंक के इस आयोजन की पृष्ठभूमि का परिचय दिया और कहा कि अठारह वर्ष स्थानीय स्तर के बैंक के रूप में अंसारी रोड पर एक आवासीय कमरे में पहली शाखा खोल कर शुभारंभ करने वाला शिवालिक बैंक आज उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा व अत्याधुनिक बैंकिंग सुविधाएं देने वाला सहकारी बैंक बन चुका है तो इसका श्रेय बैंक की नीतियों व कार्यक्रमों को ही जाता है, जिसके अन्तर्गत बैंक अपने सभी छोटे या बड़े ग्राहकों के हितों को ही सर्वोच्च प्राथमिकता देना शामिल है।  मुख्य अतिथि पद से बोलते हुए प्रो पूरनचन्द ने कहा कि यह शिवालिक बैंक की विशेषता का ही परिचायक है कि वह अपनी वर्षगांठ को शिक्षक दिवस के रूप में मनाता है। प्रसिद्ध पर्यावरणविद्‌ डा. एस. के. उपाध्याय ने कहा कि जैसे मां का कोई स्थानापन्न नहीं हो सकता, ऐसे ही अध्यापक का भी कोई स्थान नहीं ले सकता।

बैंक के सीईओ सुवीर कुमार गुप्ता ने सभी प्रिंसिपल, अध्यापक-अध्यापिकाओं व छात्र-छात्राओं को शिक्षक दिवस की बधाई दी और छात्र-छात्राओं का आह्वान करते हुए कहा कि वह अपने शिक्षकों व शिक्षकाओं का आदर सम्मान करते हैं, यह बहुत अच्छी बात है पर यह और भी अधिक अच्छा होगा कि वह अपने जीवन में   ऐसे कार्य करें कि उनके शिक्षक – शिक्षिकाएं व उनका स्कूल भी उन पर गर्व करे।

शिवालिक बैंक की इस निबन्ध प्रतियोगिता में आशा मॉडर्न इंटरनेशनल की मानसी कुश को प्रथम, दिल्ली पब्लिक स्कूल की आयुषी सहगल व लॉर्ड महावीरा एकेडमी की वाणी शर्मा को द्वितीय, के एल जी पब्लिक स्कूल की संजना पंवार व राधिका बुद्धिराजा को तृतीय पुरस्कार से नवाज़ा गया।  शेष 21 छात्र-छात्राओं को भी प्रोत्साहन पुरस्कार दिये गये।  सभी प्रतिभागियों को बैंक की ओर से प्रमाणपत्र भी दिये गये।

कार्यक्रम का संचालन शिवालिक बैंक के सुशान्त सिंहल व के.एल.जी. पब्लिक स्कूल की रिनी मेहंदीरत्ता ने संयुक्त रूप से किया।  क्लस्टर हैड दिव्य सेठी, हकीकत नगर शाखा के कमल नयन ग्रोवर, शारदा नगर शाखा के गौरव जैन, अंसारी रोड शाखा के गौरव मिश्रा, चिलकाना रोड शाखा के अभिषेक तिवारी व माधव नगर शाखा के प्रबन्धक संदीप रात्रा व उनकी टीम ने कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष भूमिका निभाई।

उल्लेखनीय है कि शिवालिक बैंक की अन्य ग्रामीण शाखाओं – जैसे रामपुर मनिहारान, नानौता, देवबन्द नागल, सरसावा, अम्बेहटा और गंगोह शाखा द्वारा भी विभिन्न स्कूलों के सहयोग से निबन्ध प्रतियोगिताएं आयोजित की गयीं और वरिष्ठ अध्यापकों के अभिनन्दन कार्यक्रम आयोजित किये गये।

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