सहारनपुर के प्रमुख आकर्षण

सहारनपुर के मन्दिर

सहारनपुर जनपद में अनेक शक्तिपीठ, प्राचीन एवं नवीन मंदिर हैं जिनमें सबसे अधिक प्रसिद्ध शक्तिपीठ स्वाभाविक रूप से मां शाकुंभरी देवी का दरबार है। सहारनपुर के कुछ प्रसिद्ध मंदिरों का परिचय जानने के लिये कृपया यहां क्लिक करें ।

1.  मां शाकुंभरी शक्तिपीठ    2.  श्री भूतेश्वर मंदिर       3.  श्री बागेश्वर मंदिर      4.  प्राचीन बालाजी धाम (चौंताला)      5.  बालाजी धाम बेहट रोड      6. श्री साईं बाबा मंदिर बेहट रोड   7.   जैन बाग सहारनपुर     8.  श्री नारायण मंदिर,   गिल कालोनी

सहारनपुर की मस्ज़िदें व मदरसे

सहारनपुर की कुल आबादी में मुस्लिम आबादी लगभग आधी है, अतः यह स्वाभाविक ही है कि  जिला सहारनपुर में सैंकड़ों मस्ज़िद होंगी।   कुछ प्रसिद्ध व दर्शनीय मस्ज़िदों का परिचय आपको यहां पर देने का प्रयास कर रहे हैं ।

1.    मदरसा दारुल उलूम देवबन्द व        2.   रशीदिया मस्ज़िद देवबन्द     3.  मदरसा मज़ाहिर उलूम सहारनपुर          सहारनपुर की जामा मस्ज़िद ।

सहारनपुर के गुरुद्वारे

इसी प्रकार, सहारनपुर जनपद के प्राचीन गुरुद्वारों का परिचय आपको यहां पर मिल सकता है।

सहारनपुर के चर्च

हमारा प्रयास है कि हम आपको सहारनपुर में उपलब्ध कुछ प्रसिद्ध चर्च का भी परिचय यहां पर दें ।

 

सहारनपुर के अन्य प्राचीन दर्शनीय भवन

सहारनपुर के दीर्घकालिक इतिहास को देखते हुए यह कतई आश्चर्यजनक नहीं है कि यहां पर अनेक ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भवन हैंं ।   उनका परिचय देने का हम प्रयास कर रहे हैं।

सहारनपुर का ज़ायका

अगर खाने पीने की बाद चल रही है तो सहारनपुर इस मामले में किसी भी अन्य शहर से पीछे नहीं है।   यहां की परंपरागत मिठाइयां, सुआली, पकवान, चाट – टिक्की, छोले – भटूरे, उत्तर भारतीय व्यंजन, पंजाबी व्यंजन, कॉंटिनेंटल व्यंजन सभी लार टपकाने के लिये प्रसिद्ध हैं !  जानिये ऐसी ही कुछ दुकानों के बारे में !

सहारनपुर के प्रमुख मार्किट

सहारनपुर अनादि काल से उत्तर भारत का एक प्रमुख व्यापारिक केन्द्र रहा है जिसका मुख्य कारण यह है कि इस जनपद की सीमाएं हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश को स्पर्श करती हैं।  देहरादून, यमुनानगर – जगाधरी,  हरिद्वार, रुड़की, नाहन, विकासनगर आदि आदि  शहरों से कपड़ा,  स्वर्ण आभूषण,  कृषि उपकरण, दवाएं,  अनाज – मसाले, जड़ी बूटियां आदि खरीदने के लिये लोग सहारनपुर आते हैं !  उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड के अलग हो जाने के कारण यहां के व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है किन्तु अभी भी सहारनपुर कपड़े, कृषि उपकरणों, अनाज – मसाले आदि की थोक मंडी है। सहारनपुर की काष्ठ कला के कद्रदान तो पूरे विश्व में मौजूद हैं और सहारनपुर की काष्ठकला विदेशी मुद्रा अर्जन का देश के लिये एक अच्छा साधन है। जानिये, सहारनपुर के विभिन्न थोक बाज़ारों के बारे में।

सहारनपुर की कुछ महत्वपूर्ण सामाजिक संस्थाएं

सहारनपुर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी माना जाता है।   विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी जब सहारनपुर में कुछ वर्ष कार्य करने के बाद अन्य किसी शहर में जाते हैं तो अक्सर उनसे सुनने को मिलता है कि सहारनपुर में जितनी सांस्कृतिक, साहित्यिक व सामाजिक गतिविधियां चलती हैं, उन सब को वह नये शहर में जाकर  बहुत ’मिस’ कर रहे हैं ।    आइये, जानें सहारनपुर की कुछ विशिष्ट संस्थाओं के बारे में !