दर्शकों को मंत्रमुग्ध छोड़ गये उड़ीसा के बाल नर्तक

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सहारनपुर : 2 सितंबर :  स्पिक मैके के सौजन्य से आज डी ए वी पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने उड़ीसा के 350 वर्ष से भी अधिक पुराने लोकप्रिय गोतीपुआ नृत्य का भरपूर आनन्द लिया। योग व नृत्य की समन्वित प्रस्तुति गोतीपुआ की विशेषता है जिसे तक्षशिला गुरुकुल के नृत्य आचार्य बिजय साहू के आठ छात्रों ने साठ मिनट के कार्यक्रम के दौरान अपनी भिन्न – भिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए हर किसी को चमत्कृत किया।  प्रस्तुतियों के पश्चात्‌ जब इन बाल कलाकारों का परिचय उनके गुरु ने दिया और बताया कि ये बालिकाएं नहीं बल्कि बालक हैं, तो हर कोई आश्चर्य चकित रह गया।

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नृत्य प्रस्तुति हेतु चेहरे का विशेष अलंकरण गोतीपुआ नृत्य की विशेषता है।
नृत्य प्रस्तुति हेतु चेहरे का विशेष अलंकरण गोतीपुआ नृत्य की विशेषता है।

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गोतीपुआ नृत्य की एक प्रमुख विशेषता यह है कि यह नृत्य बालक कलाकारों द्वारा ही किया जाता है जिसे वह नृत्यांगनाओं की वेषभूषा व साज सज्जा के साथ प्रस्तुत करते हैं।  मात्र चार वर्ष की आयु से ही गुरुकुल में इस नृत्य की शिक्षा-दीक्षा आरंभ हो जाती है और ये नर्तक बालिकाओं की भांति अपने केश भी नहीं कटाते हैं।   नृत्य प्रस्तुति के लिये इनके वस्त्र, केश विन्यास और आलंकारिक साज सज्जा बालिकाओं के अनुकूल ही रखी जाती है।  4 वर्ष की आयु से लगभग 15 वर्ष की आयु तक ही ये गोतीपुआ नृत्य कर पाते हैं क्योंकि इसके बाद शारीरिक परिवर्तन के चलते स्त्री होने का आभास देना कठिन हो जाता है।  उड़ीसा का रघुराजपुर ग्राम गोतीपुआ नृत्य के समूहों के लिये विश्वविख्यात है।

स्पिक मैके और डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल के द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रारंभ में छात्र-छात्राओं को लग रहा था कि शास्त्रीय नृत्य देखने में संभवतः आनन्द नहीं आयेगा किन्तु इन बाल कलाकारों ने अपनी कलात्मक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया और विभिन्न हाव-भाव पर सभागार में निरन्तर करतल ध्वनि गूंजती रही।  स्पिक मैके के सहारनपुर चैप्टर के समन्वयक पंकज मल्होत्रा ने दर्शक छात्र-छात्राओं को स्पिक मैके की गतिविधियों की जानकारी दी और कहा कि स्पिक मैके का उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारत की महानतम संगीत व नृत्य प्रतिभाओं से साक्षात्कार कराना है ताकि वह अपने देश की उज्ज्वल विरासत को पहचान सकें व उनके मन में इन कलाओं को आगे बढ़ाने की ललक पैदा हो।

डी ए वी पब्लिक स्कूल की प्राचार्या सुश्री मीनू भट्टाचार्य ने सभी कलाकारों व नृत्य गुरुओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि आज की इस प्रस्तुति से हमारे विद्यालय की 10 छात्राओं के मन में भी शास्त्रीय गीत – संगीत व नृत्य के प्रति रुझान उत्पन्न हो सका तो यह आयोजन सार्थक हो जायेगा।  उन्होंने इस बात पर हर्ष व्यक्त किया कि दर्शकों में से अनेक छात्र – छात्राओं ने नृत्य गुरु आचार्य बिजय साहू से प्रश्न पूछ – पूछ कर अपनी उत्सुकता शांत करनी चाही है। उन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संघ के सहारनपुर चैप्टर के अध्यक्ष मंजीत सिंह अरोड़ा, सचिव रोहित जैन, विधि सलाहकार मनोज सिंहल एडवोकेट सहित सभी दर्शकों का का स्वागत व अभिनन्दन किया।

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