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संस्था के सदस्य वीडियो प्रेज़ेंटेशन से जन-जन को सिखा रहे ठोस कचरा प्रबंधन के गुर

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सहारनपुर – 7 जुलाई : “सहारनपुर में प्रतिदिन 300 टन ठोस कूड़ा पैदा होता है जिसके लिये नगर निगम के पास डंपिंग साइट की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यदि हम सब नागरिक ठोस कचरे को ठीक से समझते हुए खुद ही उसका निदान करने लगें तो नगर निगम को सिर्फ 30 टन कचरे से ही निबटना पड़ेगा। शेष सारा कूड़ा या तो खाद बनाने में इस्तेमाल हो जायेगा या रि-साइकिल हो जायेगा। आइये सीखें कि मुश्किल लगने वाला ये काम कैसे सरलता से किया जा सकता है! द सहारनपुर डॉट कॉम के सदस्यों ने आज पेपर मिल रोड स्थित टैगोर गार्डन कॉलोनी के शिव मंदिर में उपस्थित क्षेत्रवासियों को ठोस कचरा प्रबन्धन के गुर सिखाये। भिन्न – भिन्न प्रकार के कूड़े का क्या करना है, इसे समझाने के लिये एक मनोरंजक क्विज़ कार्यक्रम का भी आयोजन द सहारनपुर डॉट कॉम ने किया जिसमें सही उत्तर देने वाले श्रोताओं को पुरस्कार बांटे गये।

सेमिनार के आरंभ में संस्था की सचिव नीना धींगड़ा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और द सहारनपुर डॉट कॉम की गतिविधियों से अवगत कराया। इसके बाद संस्था अध्यक्ष व संपादक सुशान्त सिंहल ने ’कचरे से दौलत तक’ लघु वृत्त चित्र प्रदर्शित किया जिसमें डा. रवीन्द्र राणा, चेयरमैन आई.आई.ए., निशि जैन चेयरपर्सन लॉयनेस क्लब, भागवत भूषण पं. जयप्रकाश याज्ञिक, नगर आयुक्त, और अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त योगाचार्य आचार्य प्रतिष्ठा के संदेश भी शामिल हैं।

संस्था के सदस्य विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि उनके इंस्टीट्यूट में जब ये सेमिनार की गयी थी तो सभी फैकल्टी और छात्र-छात्राएं इतने उत्साहित हुए कि उन्होंने कूड़े वाली गली के रूप में जानी जाने वाली अपनी सड़क को इतना साफ कर डाला कि “कूड़े वाली गली” में लोग अब कूड़ा ढूंढते रह जाते हैं।

पर्यावरणविद् डा. राखी त्यागी ने पॉलीथिन के हानिकर प्रभावों के बारे में समझाते हुए कहा कि सड़क पर पड़ा हुआ कूड़ा अनेक संक्रामक रोगों को जन्म देता है।  पॉलीथिन की थैलियां कूड़े के प्रभावी निपटारे में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं क्योंकि न तो वह गलती हैं और न ही सड़ती हैं।  नाली में पड़ी हुई थैलियों में पानी भर जाता है तो नाली अवरुद्ध हो जाती है।  कूड़े में आग लगाओ तो ये थैलियां विषाक्त गैस उत्पन्न करती हैं।  रंगीन थैली तो भूल कर भी इस्तेमाल नहीं करनी चाहियें क्योंकि ये कूड़े में पड़ी हुई थैलियों को बटोर कर रि-साइकिल करके पुनः बनाई जाती हैं !

सहारनपुर डॉट कॉम की सदस्य रश्मि टेरेंस, कार्यक्रम के सभापति योगाचार्य धन प्रकाश और प्रसिद्ध रंगकर्मी व संस्था के संस्थापक सदस्य संदीप शर्मा ने पुरस्कार वितरण किये और उपस्थित श्रोताओं का इस बात के लिये साधुवाद किया कि टैगोर गार्डन शहर के अपेक्षाकृत पिछड़े हुए इलाके में स्थित होने के बावजूद शहर की सबसे साफ सुथरी कालोनियों में से एक है क्योंकि यहां के सभी निवासी अपने घर का कूड़ा गलियों और सड़कों पर न फेंक कर रिक्शा वाले को ही देते हैं ताकि उससे खाद बन सके।

इस अवसर पर बोलते हुए अमित त्यागी ने श्रोताओं को बताया कि वह जो मिश्रित कूड़ा देते हैं, उसे एजेंसियों को छांटना होता है ताकि जिस कूड़े का इस्तेमाल खाद बनाने में नहीं किया जा सकता, उसे अलग किया जा सके।  उन्होंने बताया कि सहारनपुर नगर निगम ने शहर के 60 वार्ड को चार संस्थाओं में बांट दिया है और उन पर जिम्मेदारी डाली गयी है कि वह घर-घर से कूड़ा एकत्र करके खाद बनाएं और बेचें।  आप लोग कृपया अपने क्षेत्र का कार्य देख रही संस्था से संपर्क बनाए रखें और उनको ही अपने घर का कूड़ा कचरा अलग अलग करके दें।

इस आयोजन को सफल बनाने में श्री धन प्रकाश, श्रीमती करुणा प्रकाश, विजेन्द्र त्रिपाठी, मानव प्रकाश, नीना धींगड़ा, विशाल श्रीवास्तव, रश्मि टेरेंस, सूरज जैन, गगनदीप, संदीप शर्मा, अमित त्यागी का विशेष सहयोग रहा। टैगोर गार्डन के क्षेत्रवासियों में चौ. नीरज सिंह, नरेन्द्र शर्मा, रुपेश शर्मा, नरेन्द्र कुमार और अंकुश आदि ने भी बढ़ चढ़ कर गतिविधियों में भाग लिया।    अन्त में संदीप शर्मा ने सभी अतिथियों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।   कार्यक्रम का सफल संचालन संस्था सचिव श्रीमती नीना धींगड़ा ने किया।

उल्लेखनीय है कि द सहारनपुर डॉट कॉम इंडियन हर्ब्स से सहयोग से नगर के विभिन्न इलाकों में, स्कूल व कॉलेजों में, सामाजिक संस्थाओं में जन-जागृति के दृष्टिकोण से ये सेमिनार आयोजित कर रही है।   ये सेमिनार इसी श्रंखला का अंग थी।

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